
व्यवसाय
मौन का नेतृत्व: क्या 'क्वाइट लीडरशिप' भारतीय स्टार्टअप्स का नया मंत्र है?
आक्रामक कॉर्पोरेट संस्कृति के बीच, धीमेपन और गहराई से सोचने वाले नेतृत्व के ज़रिए स्थायी कंपनियाँ खड़ी करने की एक अनकही कहानी।
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आक्रामक कॉर्पोरेट संस्कृति के बीच, धीमेपन और गहराई से सोचने वाले नेतृत्व के ज़रिए स्थायी कंपनियाँ खड़ी करने की एक अनकही कहानी।

एल्गोरिथम के युग में डेटा पर अत्यधिक निर्भरता कैसे आधुनिक कॉर्पोरेट जगत से अंतर्ज्ञान और जोखिम लेने की क्षमता को खत्म कर रही है।

सिलिकॉन वैली के ‘ग्रोथ एट एनी कॉस्ट’ मॉडल को धता बताते हुए अब भारतीय संस्थापक टिकाऊ लाभप्रदता और सांस्कृतिक जड़ता की ओर मुड़ रहे हैं।